Monday, October 28, 2019

703. भारत की दीवाली

भारत
जगमग रात दीवाली है,
भारत की बात निराली है।

चहुँ ओर पसरा अँधियारा,
भारत में फैला उजियारा।
जगमग रात दीवाली है,
भारत की बात निराली है।

सबसे सुंदर सबसे न्यारा,
भारत देश मुझे है प्यारा।
घर-घर पूजा की थाली है,
भारत की बात निराली है।

मिट्टी के दीपक की ज्योति,
चमक चाँदनी भी खोती।
अमावस रात सवाली है,
भारत की बात निराली है।

कन्या से कश्मीर तलक
गुजरात से सूर्य फ़लक।
प्रेम सुधा की प्याली है,
भारत की बात निराली है।
©पंकज प्रियम
28/10/2019