समंदर हूँ मैं लफ़्ज़ों का, मुझे खामोश रहने दो, छुपा है इश्क़ का दरिया, उसे खामोश बहने दो। नहीं मशहूर की चाहत, नहीं चाहूँ धनो दौलत- मुसाफ़िर अल्फ़ाज़ों का, मुझे खामोश चलने दो। ©पंकज प्रियम
Thursday, August 27, 2026
1028. एक पल में स्वाहा
1027. प्रलय
Sunday, July 26, 2026
1026.अधिकार की लड़ाई, संस्कारों की कीमत पर नहीं
Thursday, July 23, 2026
1025. आंदोलन
आंदोलन के नाम पे क्या तुम सारा देश जला दोगे?
नईं हुकूमत लाने को क्या, घर की नींव हिला दोगे?
शासन से मतभेद अगर है, आसन से तुम बात करो-
पर भीड़तंत्र के आगे क्या तुम लोकतंत्र झुठला दोगे?
@पंकज प्रियम
Monday, July 13, 2026
1023. कपूत
Sunday, July 5, 2026
1022. अभिमान कैसा?
अभिमान कैसा?
ये दौलत ये शोहरत ये सम्मान कैसा?
ये जीवन उधारी तो' अभिमान कैसा?
जहाँ धड़कने भी उधारी किसी की
किसी को वहाँ दे अभयदान कैसा?
पलों से जियादा कहाँ ज़िन्दगी है?
तो पलपल पले ख़ूब अरमान कैसा?
पढ़ा और लिक्खा नहीं हर्फ़ से बढ़,
तो कहना तेरा खुद ही विद्वान कैसा?
उसी के' इशारों पे' चलती है' साँसे,
बँधी डोर पुतली का गुमान कैसा?
कहाँ कुछ लिये आये जाना कहाँ है
फ़क़त चार दिन का है' एहसान कैसा?
बिखर जाएगी देह माटी में मिलकर ,
परिंदों सा उड़ना है आसमान कैसा?
धरा ही रहेगा........ कमाया धरा में,
सफ़र ज़िन्दगी फिर ये सामान कैसा?
प्रियम जो कमाया, उसी का दिया सब
उसी का उसी को किया दान कैसा?
©पंकज प्रियम
Thursday, July 2, 2026
१०२१. व्यास का पुत्र व्यास नहीं बन सकता ?
राजा का बेटा राजा, किसान का बेटा किसान, फ़िल्म स्टार के बच्चे स्टार, नेता का बेटा नेता, मुख्यमंत्री का बेटा मुख्यमंत्री, डॉक्टर का बेटा डॉक्टर, इंजीनियर का बेटा इंजीनियर, IAS/IPS के बच्चे भी उसी राह पर चलते हैं तो फिर एक कथावाचक का बेटा कथा क्यों नहीं कर सकता? इससे सबके पेट में दर्द क्यूँ होने लगा है? आरक्षण की सीढ़ी पीढ़ी-दर-पीढी चल सकती है लेकिन एक योग्य बालक अपनी पिता का काम नहीं सम्भाल सकता? मने हद ही कर देते हैं सब ! देवकीनंदन ठाकुर जी का बेटा देवांश किसी का हक तो मारने जा रहा है? कहीं नौकरी के लिए रोना/धोना करने नहीं जा रहा है? उसे व्यासपीठ की गद्दी विरासत में मिली है तो क्या दिक्कत है?