Monday, September 16, 2024

997. ज़िन्दगी बहार लगती है

ज़िन्दगी
ज़िन्दगी यार बड़ी, खुशगवार लगती है,
इश्क़ का फूल खिलाती, बहार लगती है।
पास आकर के कभी मौत मुस्कराये तो-
ज़िन्दगी धूप में ठंडी,  बयार लगती है।।
पंकज प्रियम 
16.09.2024

1 comment:

Admin said...

यह शेर पढ़ते ही चेहरे पर हल्की सी मुस्कान आ जाती है। आप ज़िंदगी को दोस्त की तरह देखते हैं, इसलिए बात तुरंत दिल में उतरती है। इश्क़, बहार और बयार के बिंब ज़िंदगी को नरम और खूबसूरत बना देते हैं। आप ज़िंदगी की कड़वाहट नहीं गिनाते, बल्कि उसके सुकून को पकड़ते हैं।