अस्सी के जमाने से जरा लौट के आना.
छब्बीस में कैसे हो? जरा आज बताना.
AI ने पागल यहाँ सबको है बनाया -
फ़िल्टर जो लगाया है जरा उसको हटाना.
AI के चक्कर में कभी तुम नहीं आना.
तस्वीर कभी इससे कोई तुम न बनाना.
पहनाएगा कपड़े तो उतारेगा यही फिर -
AI के खतरों से जरा खुद को बचाना.
AI से दिल चाहे जो वो तुम काम कराना.
लेकिन कभी इसको न कोई राज़ बताना.
हर बात पे रखता है नजर आंख गड़ाकर-
किसको ये बता दे भला क्या इसका ठिकाना.
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