आये तेरी शरण, कर थोडा रहम
सुनले शेरावाली, तू है जोतावाली.
कर दे तू सबको निहाल. ओ मेहरावाली
तेरे जग में यहाँ, बच्चे-बूढ़े सभी
भूखे-नंगे हैं माँ. सूखी फटती जमीं
है दुनिया बड़ी बेहाल, ओ शेरावाली
महिषासुर को मारा, सारे जग को तारा
तुझमे शक्ति अगम, तू है दुनिया धरम
राम का भी किया बेडा पार. ओ जोतावाली
आया जो भी शरण, किया सबका करम
रोता -रोता आया. हँसता -गाता गया .
करती है सब तू कमाल. ओ शेरावाली .
पंकज प्रियम
1 comment:
यह भजन पढ़कर मन अपने आप श्रद्धा से भर जाता है। आपने माँ के प्रति भरोसे और करुणा को बहुत सीधे शब्दों में रखा है। मुझे अच्छा लगा कि तुमने भक्ति को सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि दुख में पुकार की तरह दिखाया है।
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