Sunday, March 29, 2020

801. कैसा वायरस आया है?

कैसा वायरस आया है?

ये कैसा वायरस आया है?
हर दिल में खौफ़ समाया है।
ये कैसा वायरस आया है?
मुफ़लिस पे रौब जमाया है।

राजा हो या रंक अभी तो,
बांधा अपने पाश सभी को।
हर देश में मौत का साया है,
ये कैसा वायरस आया है?

अमरीका, इटली या स्पेन,
लूट लिया भारत का चैन।
जो चीन ने रोग लगाया है
ये कैसा वायरस आया है।

हर शक्ति है बेकाम अभी,
विज्ञान भी है नाकाम अभी।
कुछ काट नहीं मिल पाया है,
ये कैसा वायरस आया है?

अपनों से अपने दूर हुए,
सब कैसे अब मजबूर हुए।
परदेश से मार भगाया है,
ये कैसा वायरस आया है?

सबको सबसे दूर किया,
हाल बड़ा मजबूर किया।
हर घर को जेल बनाया है,
ये कैसा वायरस आया है।

सब मन्दिर-मस्जिद बंद हुए,
अब दूर सभी सम्बन्ध हुए।
हर ताकत को झुठलाया है,
ये कैसा वायरस आया है?

मौत का मंजर है पसरा,
बस छूने से भी है खतरा।
हर चेहरा मास्क चढ़ाया है,
ये कैसा वायरस आया है।

वीरान सड़क सन्नाटे में
बाज़ार तड़पता घाटे में।
सरकार ने कर्फ़्यू लगाया है,
ये कैसा वायरस आया है?

भूखे मरेगी जो जनता सभी
जागेगी क्या तेरी ममता तभी।
अब पैदल सबको दौड़ाया है,
ये कैसा वायरस आया है?

बचने का है बस एक उपाय,
घर में रहो सब ताला लगाय।
हर देश ही अब थर्राया है,
ये कैसा वायरस आया है?

©पंकज प्रियम
29.03.2020

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