Sunday, October 20, 2019

693. याद

1222 1222, 1222   1222
मुझे तुम याद आओगे, नहीं तुम भूल पाओगे,
गुजारे साथ जो लम्हें, उन्हें क्या भूल पाओगे।
नहीं गुजरा हुआ कल हूँ, कभी वापस न आ पाऊँ-
करोगे याद जो मुझको, सभी को भूल जाओगे।।
©पंकज प्रियम


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