मुसाफिर हूँ मैं लफ़्ज़ों का, सफर अल्फाज़ करता हूँ. कहानी, गीत गजलों से , सहर आगाज़ करता हूँ . नहीं मशहूर की चाहत, नहीं हसरत बड़ी दौलत - प्रियम हूँ मैं मुहब्बत का, दिलों पे राज़ करता हूँ.. ©पंकज प्रियम
थरथराते हाथ ये मेरे,बज रहे दांत ये प्यारे, रजाई में छुपा रखा,कंपकपाते गात ये प्यारे। बड़ी ज़ालिम है#सर्दी ये,सताती तन्हा रातों को, उड़ाती नींद है मेरी, तेरी मुलाकात ये प्यारे।।
©पंकज प्रियम
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