Sunday, May 5, 2019

548.चयन

चयन
चयन तुम आज ही कर लो, किसे कुर्सी बिठाना है,
किसे नीचे गिराना है,.........किसे ऊंचा उठाना है।
मिला अधिकार है तुमको, नया निर्माण करने को-
तुम्हारे हाथ चयन होगा,...किसे रखना हटाना है।।
©पंकज प्रियम

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