Saturday, May 19, 2018

337.देखना

देखना
एक दिन मुहब्बत मिलेगी देखना
वो लौट के फिर से आएगी देखना।
चले जाओ दूर हमसे जहां है जाना
मेरी याद तुझे रोज सताएगी देखना।
सारे वादे तोड़कर,मुझे छोड़ जाना
तन्हाई फिर तुझे,रुलाएगी देखना।
कसम मेरी तोड़कर,उनकी निभाना
वो भी कसम कैसे निभाएगी देखना।
मत उदास हो तुम आज ऐसे प्रियम
तेरी चाहत भी रंग जमाएगी देखना।
©पंकज प्रियम
19.5.2018

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